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March 18, 2009

है तुझे कसम

In Continuation of Rashi and Asbah's thoughts

है तुझे कसम
तूफान में घिरके ना खोना अपने आपको
हर रह तेरी होगी बुलंदियों की और ।

है तुझे कसम
अपनी मौत ना बना लेना अपने खौफ को
उम्मीद से बांधले अपनी जीवन की डोर ॥

है तुझे कसम
काँटों को करने दे अपनी राहों की हिफाज़त
काँटों से घबराकर चलना ना छोर ।

है तुझे कसम
ये जीवन है सुख और दुःख की बनावट
दुःख से घबरा कर अपनी रहे ना मोर ।।


(The above in English Script)
Hai tujhe kasam
Tufan me ghirke na khona apne aapko
Har rah teri hogi bulandiyon ki or

Hai tujhe kasam
Apni maut na bana lena apne khauf ko
Ummed se bandhle apni jeewan ki dor

Hai tujhe kasam
Kanton ko karne de apni rahon ki hifazat
Kanton se ghabrakar chalna na chhor

Hai tujhe kasam
Ye jeewan hai sukh aur dukh ki banawat
Dukh se ghabra kar apni rahein na mor



January 15, 2009

कभी तो आएगी याद मेरी


कभी तो आएगी याद मेरी
कभी तो होगी बात मेरी

कभी तो होगा वो उजाला जिसमे जीना चाहता हूँ मैं
कभी तो हटेगा ये अँधेरा जिसमे दम घुटता हैं मेरा

कभी तो आएगी वो शाम जिसमे होगा तुम्हारा साथ
कभी तो आएगा वो पैगाम जिसमे लिखी होगी ये बात

कभी तो आएगी याद मेरी
कभी तो होगी बात मेरी

जिंदगी में हमेशा मुश्किल डगर पर चला हूँ मैं
कांटो का साथ मिला है हमेशा
फूलो के लिए तरसा हूँ मैं

कभी तो आएगी याद मेरी
कभी तो होगी बात मेरी

लोग कहते है किस्मत नही देती है मेरा साथ
शायद इसिलिये रहा हूँ मैं अब तक खाली हाथ

किस्मत तो एक चाँद हैं
मेहनत के उजाले बिना अधुरा हैं
मेरे उजाले से चमकेगा चाँद एक दिन
अमावस से पूनम हो जायेगी मेरी रात उस दिन


कभी तो आएगी याद मेरी
कभी तो होगी बात मेरी


जब पीछे मुड़कर देखता हूँ गुजरे हुए पलों को
तो दिखाई देता हैं ये के
जीता तो नही हूँ मैं अब तक
परन्तु हारा कैसे जाता हैं ये जरूर सीखा हैं

कभी तो आएगी याद मेरी
कभी तो होगी बात मेरी