March 4, 2009

तन्हाई

PreScript: Such is the irony of life. The reason that caused me to leave is the same reason that brings me back here.

ख्वाब बिखरे हैं जमीन पर,
हजारों चमकीलें शीशों की तराह,
जब कोशिश करता हूं उठकर फिर चलने की,
तो चुभते हैं काटों की तराह,

कभी न सोचा था मैंने, की यह ख़ुशी,
यह एहसास, चंद लम्हों का मेहमान हैं,
इसके खो जाने के बाद के खालीपन को,
बर्दाश्त करने की अब न मुझ में जान हैं,

जिंदगी के इस दरख्त की डालियों पर,
इश्क की कलियाँ तो खिली थी,
पर फूल बनकर खिलने से पहले ही,
उन्हें बेरहम फिजा उडाकर ले गयी,

अब जीना मेरा बना हैं,
एक अनजान सफ़र बिना किसी रहनुमा के,
लगता हैं जैसे हर वक्त चल रहा हूं,
पत्ज्हद के मौसाम में किसी रहगुज़र से,

आईने में मेरा अक्स,
मुझ से ही अनजान हैं,
एक झूटी मुस्कान लिए चलते रहना,
यही मेरी पहचान हैं,

लिखने की मेरी आस मिट चुकी थी,
जैसे मेरी रूह की सियाही ही सूख चुकी थी,
इन नए जख्मों को खुरेद कर,
लहू से लफ्जों को आवाज़ दे रहा हूं मैं,

जब तुम थे मेरे साथ,
मेरा हर गम, मेरी हर ख़ुशी तुमसे थी,
अब कोई नहीं हैं जिसके साथ बाट सकू यें सब,
सिर्फ रोता हुआ एक दिल हैं, जिसकी कोई दवा नहीं,

अकेला बैठा हूं मैं, अपने आंसुओँ के साथ,
रह-रहकर एक दर्द उठता हैं सीने में कहीं,
क्यूंकि इस तन्हाई से उभर ने की,
अब शायद मेरे पास कोई वजह नहीं !


PS: I thank each and everyone out here who showed his or her concern about me and wished me to come back. Special thanks to Kajal for her heart-touching poem!

18 comments:

  1. @Kajal
    Srry, I didnt want dat to happn!

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  2. wow that was surely one post can bring tears in neone's eyes .....it did for me atleast

    i can just say one thing very beautiful and heart felt....loved it

    and Welcome Back :)

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  3. @ myst gal
    Thnx...It brought tears to my eyes while writing it!

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  4. though i know hindi very well... reading can be tough,too slow and painfull..but i got the gist from the sentence you wrote as a prelude..

    " Such is the irony of life. The reason that caused me to leave is the same reason that brings me back here."

    gr8 to have you back , mav aka maverick aka gaurav...

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  5. yaar inna achcha kaise likh lete ho ?????


    welcome back!!! *hugz*

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  6. आपने बहुत ही बेहतरीन रचना लिखी है ....दिल और दर्द को समेटते हुए .............आपने सचमुच बहुत प्यारा लिखा है

    मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

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  7. Thnx Prats!
    Accha likhna to pata nahi, shayad jab aap jo mehsoos karte ho aur wahi kagaz par utarta hain to dil se likha hua lagta hain! :)

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  8. @maverick,
    welcome back...

    its a nice poem.

    ps: my sister cries a lot, very short emotion span..! its coz she loves the poem so much. u shdnt be sorry! her tears are a testament to ur beautiful words!

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  9. awww that was just lovelyy..

    and glad that u r here to stay :)

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  10. @Vinu: oye it was so sweet of you to have said all that..:) i feel so loved!! :)

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Comments are sexy.