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January 4, 2011

चाहत

बागो की कच्ची कलियों की महक 
तेरी चूडियो की खनक 
वो धुप में बारिश का आना 
वो चाँद का बदलो में छुप जाना 

पौ  फटते तेरी यादो में खो जाना 
सपनों में भी तेरा आना 
हर साँस में हैं तेरा नाम 
तुझे चाहना यही हैं मेरा काम 

चाहत को मेरी ना समझाना भूल 
तुझे पाना चाहता हूँ 
तेरा होना चाहता हूँ 
तुझमे ही आज खोना चाहता हूँ 

चाहू तो ज़िन्दगी तेरे नाम कर दूँ 
पर तू ही तो मेरी ज़िन्दगी हैं 
तुझे कैसे बतलाऊ 
दिखलाऊ कैसे मेरे दिल में बसा प्यार 

आईने में ना देख तस्वीर अपनी 
मेरे दिल में देख तकदीर अपनी 
तुझे पाना हैं मुझे 
बस यही शख्सियत हैं मेरी




                                                                 (चिराग )